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विशेषज्ञ लेख
फसल के बेहतर विकास के लिए संरक्षण जुताई

न्यूनतम जुताई (मिनिमम टिलेज़) की अवधारणा क्या है?

न्यूनतम जुताई (मिनिमम टिलेज़) की अवधारणा क्या है?

न्यूनतम जुताई या संरक्षण जुताई, मिट्टी को खेती के लिए तैयार करने की एक विधि है, जिससे दो फसलों के बीच की गतिविधियाँ (इंटरकल्चरल ऑपरेशन्स) की संख्या कम होती है और खेतों में अगली फसल बोने से पहले और बाद में फसल के अवशेष छोड़ दिये जाते हैं। विभिन्न अंतर्राष्ट्रीय संस्थानों द्वारा गेहूं और मक्का पर किये गये कई अध्ययनों से यह साबित हुआ है कि न्यूनतम जुताई की अवधारणा को अपनाने से किसानों को अच्छी पैदावार हासिल हो सकती है।

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किसानों को जुताई संबंधी कार्यों में क्यों कमी लानी चाहिए?

किसानों को जुताई संबंधी कार्यों में क्यों कमी लानी चाहिए?

बार-बार जुताई की वजह से हवा और पानी के कारण मिट्टी का क्षरण होता है। जुताई की विधियों की वजह से भी मिट्टी की संरचना को नुकसान पहुंचता है और पानी ज्यादा वाष्पीकृत होता है।

न्यूनतम जुताई की अवधारणा के सफल उदाहरण क्या हैं?

न्यूनतम जुताई की अवधारणा के सफल उदाहरण क्या हैं?

उत्तर भारत में गेहूं की खेती कई इलाकों में सीड ड्रिल द्वारा की जाती है। बिहार और तटीय आंध्र प्रदेश में मक्के की फसल चावल की फसल की कटाई हो जाने के बाद अवशिष्ट मिट्टी की नमी के साथ उगायी जाती है। आम तौर पर दालों को मिट्टी की ज्यादा जुताई के बिना ही रोपा जाता है।. उपरोक्त सभी उदाहरणों में किसानों को अब अच्छी पैदावार मिल रही है।

क्या हमारे पास न्यूनतम जुताई (मिनिमम टिलेज) के लिए मशीनरी उपलब्ध है?

क्या हमारे पास न्यूनतम जुताई (मिनिमम टिलेज) के लिए मशीनरी उपलब्ध है?

कृषि संस्थानों द्वारा कई सारे प्रयास किये जा रहे हैं और सीड ड्रिल और सीड और फर्टिलाइज़र ड्रिल जैसे उपकरण किसानों के लिए उपलब्ध हैं।

क्या खर-पतवार के कारण कोई समस्या होती है?

क्या खर-पतवार के कारण कोई समस्या होती है?

यदि किसान अंतर-खेती ज्यादा कर रहे हैं, तो तृणनाशकों का असर जाता रहेगा, क्योंकि इससे मिट्टी में गति होगी और खर-पतवार के बीज सक्रिय हो जाएँगे।

न्यूनतम जुताई के लाभ

न्यूनतम जुताई के लाभ

  1. अगली फसल की बुवाई के समय को कम करें, ताकि ज्यादा उत्पादन के लिए फसल कम समय में हासिल हो सके।

जमीन तैयार करने के लिए जरूरी इनपुट की लागत में कमी और इस प्रकार लगभग 80% की बचत।

मिट्टी की नमी का इस्तेमाल कारगर ढंग से किया जा सकता है और सिंचाई की संख्या को घटाया जा सकता है।

न्यूनतम जुताई की वजह से, फसल के मौसम के बाद मिट्टी में सूखे पदार्थ और जैविक पदार्थ मिल जाते हैं।

न्यूनतम जुताई मिट्टी के संघनन को कम करती है और रन-ऑफ के जरिए पानी के बेकार बहाव को कम करती है और मिट्टी का कटाव भी रोकती है।

  1. चूँकि मिट्टी साबुत बची रहती है और स्थिर होती है, इसलिए वह जीवाणुओं और केंचुओं के लिए सुरक्षित और उपयोगी होती है।
  1. पर्यावरणीय की दृष्टि से सुरक्षित है ग्रीनहाउस प्रभाव कम हो जाता है।
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सलिए किसान न्यूनतम जुताई से होनेवाले लाभ का आकलन कर सकते हैं। इसके लिए, वे अपने खेत में आधा या एक चौथाई एकड़ जमीन का परीक्षण कर सकते हैं और न्यूनतम जुताई की अवधारणा के लाभों को देख-समझ सकते हैं। एक बार अगर वे संतुष्ट हो गये, तो फिर ज्यादा बड़े क्षेत्र में इसे आजमा सकते हैं।

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