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विशेषज्ञ लेख
फसल की पैदावार बढ़ाने में मधुमक्खी का महत्व

परागण के लिए कई जगहों पर किसान मधुमक्खी पालन करते हैं। ये मधुमक्खियों व्यावसायिक फ़सलों के लिए मुख्य परागणकर्ता होती हैं, लेकिन इसके अलावा जंगली मधुमक्खियों की कई प्रजातियाँ भी परागण का महत्वपूर्ण कार्य करती हैं। इन मधुमक्खियों को कीटनाशकों के संपर्क से बचाने के लिए देखभाल की जानी चाहिए। आज हम जिन खाद्य पदार्थों का उपभोग करते हैं उनमें से कई पदार्थ पौधों से बने होते हैं, जिनके प्रजनन के लिए लगभग ७०% मधुमक्खियों और अन्य कीटों पर निर्भर होते है। कुछ फ़सलों में प्रजनन हवा से भी हो जाता है, लेकिन यदि परागकर्ता ( मधुमक्खियां) मौजूद हैं, अधिक पैदावार प्राप्त की जा सकती हैं।

मधुमक्खियों को कीटनाशक के दुष्प्रभाव से कैसे बचाएं

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1. कीटनाशकों का उपयोग फसलों को कीड़ों, खरपतवारों और रोग की समस्याओं से बचाने के लिए किया जाता है, जिनका उपयोग कुछ क्षेत्रों में आवश्यक हो सकता है, हालांकि, कुछ कीटनाशक परागण की क्रिया करने वाले कीटो ( मधुमक्खियो) के लिए विषाक्त हो सकते हैं, इसलिए मधुमक्खियों को इन उत्पादों के संपर्क से बचाने के लिए कदम उठाए जाने चाहिए।जैसा कि नाम से संकेत मिलता है, कीटनाशक कीटों का प्रबंधन करने के लिए बनाये गए हैं, लेकिन वे फायदेमंद कीटों के लिए विषाक्त भी हो सकते हैं। मधुमक्खियों के लिए किसी उत्पाद की विषाक्तता और उचित अनुप्रयोग, तकनीकों और समय के बारे में जानकारी के लिए कीटनाशक की बॉटल पर लिखे हुए निर्देशों को पढ़ कर उसी अनुसार उपयोग करना चाहिए , जिसे मधुमक्खी के जीवन को सुरक्षित किया जा सकता है।

  1. कीटनाशकों का उपयोग फसलों को कीड़ों, खरपतवारों और रोग की समस्याओं से बचाने के लिए किया जाता है, जिनका उपयोग कुछ क्षेत्रों में आवश्यक हो सकता है, हालांकि, कुछ कीटनाशक परागण की क्रिया करने वाले कीटो ( मधुमक्खियो) के लिए विषाक्त हो सकते हैं, इसलिए मधुमक्खियों को इन उत्पादों के संपर्क से बचाने के लिए कदम उठाए जाने चाहिए।जैसा कि नाम से संकेत मिलता है, कीटनाशक कीटों का प्रबंधन करने के लिए बनाये गए हैं, लेकिन वे फायदेमंद कीटों के लिए विषाक्त भी हो सकते हैं। मधुमक्खियों के लिए किसी उत्पाद की विषाक्तता और उचित अनुप्रयोग, तकनीकों और समय के बारे में जानकारी के लिए कीटनाशक की बॉटल पर लिखे हुए निर्देशों को पढ़ कर उसी अनुसार उपयोग करना चाहिए , जिसे मधुमक्खी के जीवन को सुरक्षित किया जा सकता है।
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2. मधुमक्खियां फूलों से भोजन लेती है और खेत में कीटनाशकों के सीधे संपर्क में आने से मधुमक्खियां मर सकती हैं, यही कीटनाशकों वो अपने साथ कॉलोनी ( छत्तो ) में वापस ले जाती है जिसे अन्य मधुमक्खियों की भी मृत्यु हो सकती है।मधुमक्खियों के कीटनाशकों के संपर्क को कम करने और उन्हें कॉलोनी (छत्तो) में वापस लाने की संभावना को कम करने के लिए कदम उठाए जा सकते हैं।

  1. मधुमक्खियां फूलों से भोजन लेती है और खेत में कीटनाशकों के सीधे संपर्क में आने से मधुमक्खियां मर सकती हैं, यही कीटनाशकों वो अपने साथ कॉलोनी ( छत्तो ) में वापस ले जाती है जिसे अन्य मधुमक्खियों की भी मृत्यु हो सकती है।मधुमक्खियों के कीटनाशकों के संपर्क को कम करने और उन्हें कॉलोनी (छत्तो) में वापस लाने की संभावना को कम करने के लिए कदम उठाए जा सकते हैं।
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3. मधुमक्खियां आमतौर पर सुबह और दोपहर में परागण करती हैं। इसलिए शाम के समय कीटनाशक का उपयोग करना चाहिए, जिसे मधुमक्खियों के मृत्यु की संभावना कम हो जाएगी। परागण अवधि के दौरान हमेशा फूलों के हिस्सों पर सीधे कीटनाशक के प्रयोग से बचना चाहिए।

  1. मधुमक्खियां आमतौर पर सुबह और दोपहर में परागण करती हैं। इसलिए शाम के समय कीटनाशक का उपयोग करना चाहिए, जिसे मधुमक्खियों के मृत्यु की संभावना कम हो जाएगी। परागण अवधि के दौरान हमेशा फूलों के हिस्सों पर सीधे कीटनाशक के प्रयोग से बचना चाहिए।
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  1. विभिन्न कीटनाशकों में मधुमक्खियों के लिए अलग-अलग विषाक्तता होती है। इसलिए, उन कीटनाशकों का चयन करना चाहिए, जो सिर्फ लक्ष्य कीटों के खिलाफ प्रभावी हो लेकिन मधुमक्खियों के लिए कम विषैले हो, कीटनाशकों के उपयोग की पद्धति और उपयोग की मात्रा के आधार पर क्षेत्र में मधुमक्खियों पर नकारात्मक प्रभावों की संभावना को कम कर सकते हैं।
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5. बाजार में कीटनाशक अलग अलग समय अवधि और विषाक्ता के साथ उपलब्ध होते है, आवश्यकता अनुसार छोटी अवधि और कम विषाक्त कीटनाशको का उपयोग करें, परागणकों पर पड़ने वाले प्रभाव के बारे में जानकारी के लिए हमेशा कीटनाशक की बोतल पर लिखी जानकरी पढ़ कर उपयोग करें।

  1. बाजार में कीटनाशक अलग अलग समय अवधि और विषाक्ता के साथ उपलब्ध होते है, आवश्यकता अनुसार छोटी अवधि और कम विषाक्त कीटनाशको का उपयोग करें, परागणकों पर पड़ने वाले प्रभाव के बारे में जानकारी के लिए हमेशा कीटनाशक की बोतल पर लिखी जानकरी पढ़ कर उपयोग करें।
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6. मधुमक्खियों की कॉलोनी (छत्ते) के समीप कीटनाशकों का छिड़काव करते समय हवा की दिशा का ध्यान रखना चाहिए, हवा के साथ कीटनाशक कॉलोनी (छत्ते) तक पहुंच सकते है, जिसके दुष्प्रभाव हो सकते हैं।

  1. मधुमक्खियों की कॉलोनी (छत्ते) के समीप कीटनाशकों का छिड़काव करते समय हवा की दिशा का ध्यान रखना चाहिए, हवा के साथ कीटनाशक कॉलोनी (छत्ते) तक पहुंच सकते है, जिसके दुष्प्रभाव हो सकते हैं।
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मधुमक्खियों के कार्य को प्रभावित करने वाले कारक

मधुमक्खियों के कार्य को प्रभावित करने वाले कारक

मधुमक्खियों की आबादी को प्रभावित करने वाले कई कारक हैं - जिसमे सबसे बड़ा कारक कीटनाशक और चुनौतीपूर्ण मौसम परिस्तिथिया होती है। हालांकि मधुमक्खिया वाणिज्यिक फसलों के लिए अधिक विश्वसनीय पराग कारक होती है और उन्हे प्रबंधित किया जा सकता है। मधुमक्खियों की आबादी खाद्य स्रोतों की उपलब्धता को बढ़ावा देकर और कीटनाशक के जोखिम से बचाकर बढ़ाया जा सकता है।

मधुमक्खियों की आबादी को प्रभावित करने वाले कई कारक हैं - जिसमे सबसे बड़ा कारक कीटनाशक और चुनौतीपूर्ण मौसम परिस्तिथिया होती है। हालांकि मधुमक्खिया वाणिज्यिक फसलों के लिए अधिक विश्वसनीय पराग कारक होती है और उन्हे प्रबंधित किया जा सकता है। मधुमक्खियों की आबादी खाद्य स्रोतों की उपलब्धता को बढ़ावा देकर और कीटनाशक के जोखिम से बचाकर बढ़ाया जा सकता है।

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मधुमक्खि पालन करते समय समय, क्षेत्र में पर्याप्त मधुमक्खियो की संख्या कॉलोनी स्थापित करना जिसे फसल में परागण क्रिया को अधिकतम हो सके। विभिन्न फसलों को विभिन्न प्रकार की मधुमक्खियों की आवश्यकता होती है, जो फूलों के प्रकार और पराग के प्रसार के आधार पर होती हैं

मधुमक्खि पालन करते समय समय, क्षेत्र में पर्याप्त मधुमक्खियो की संख्या कॉलोनी स्थापित करना जिसे फसल में परागण क्रिया को अधिकतम हो सके। विभिन्न फसलों को विभिन्न प्रकार की मधुमक्खियों की आवश्यकता होती है, जो फूलों के प्रकार और पराग के प्रसार के आधार पर होती हैं

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खीरे में नर और मादा फूल अलग-अलग होते हैं, लेकिन खीरे के पराग कण हवा से उड़ने वाले नहीं होते, इसलिए खीरे के लिए प्रति एकड़ न्यूनतम २ से ३ मधुमक्खियों की कॉलोनी ( छत्तो ) की आवश्यकता होती है। अन्य फसलों के लिए प्रति एकड़ कम से कम 1 मधुमक्खी की कॉलोनी ( छत्ता )बनाए रखना सहायक होगा।

खीरे में नर और मादा फूल अलग-अलग होते हैं, लेकिन खीरे के पराग कण हवा से उड़ने वाले नहीं होते, इसलिए खीरे के लिए प्रति एकड़ न्यूनतम २ से ३ मधुमक्खियों की कॉलोनी ( छत्तो ) की आवश्यकता होती है। अन्य फसलों के लिए प्रति एकड़ कम से कम 1 मधुमक्खी की कॉलोनी ( छत्ता )बनाए रखना सहायक होगा।

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मधु मक्खियों की कॉलोनी को समूहों में क्षेत्र के आसपास रखा जाना चाहिए। परागित होने के लिए फसल के नीचे की ओर रखी गई कालोनियों में उस फसल को परागित करने की संभावना अधिक होती है। यदि मधुमक्खियों को फसल के ऊपर क्षेत्र में रखा जाता है तो वे अन्य खाद्य स्रोतों के लिए अधिक आकर्षित हो सकते हैं।

मधु मक्खियों की कॉलोनी को समूहों में क्षेत्र के आसपास रखा जाना चाहिए। परागित होने के लिए फसल के नीचे की ओर रखी गई कालोनियों में उस फसल को परागित करने की संभावना अधिक होती है। यदि मधुमक्खियों को फसल के ऊपर क्षेत्र में रखा जाता है तो वे अन्य खाद्य स्रोतों के लिए अधिक आकर्षित हो सकते हैं।

परागण के अलावा भी मधुमक्खी पालन के लाभ

परागण के अलावा भी मधुमक्खी पालन के लाभ

मधुमक्खी पालन किसान के लिए उपज बढ़ाने के अलावा आय का वैकल्पिक स्रोत हो सकता है।मधुमक्खी के छत्तो को अच्छी तरह से सूखे क्षेत्र में जहां अधिक संख्या में बागों और पराग के स्रोत हो वहां स्थापित करना चाहिए, मधुमक्खी पालन से सम्बंधित विभिन्न जानकारी जैसे मधुमक्खियों की गुणवत्ता , कालोनियों की स्तिथि, मौसमी प्रबंधन और अन्य सलाह के लिए कृपया निकटतम कृषि विज्ञान केंद्र से सुझाव लेना चाहिए । भारत सरकार ने “शहद क्रांति” के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए वैज्ञानिको ने मधुमक्खी पालन और विकास के लिए 2 साल के लिए “राष्ट्रीय मधुमक्खी पालन और शहद योजन (NBHM)” नामक एक नई केंद्रीय क्षेत्र योजना को मंजूरी दी है।

मधुमक्खी पालन किसान के लिए उपज बढ़ाने के अलावा आय का वैकल्पिक स्रोत हो सकता है।मधुमक्खी के छत्तो को अच्छी तरह से सूखे क्षेत्र में जहां अधिक संख्या में बागों और पराग के स्रोत हो वहां स्थापित करना चाहिए, मधुमक्खी पालन से सम्बंधित विभिन्न जानकारी जैसे मधुमक्खियों की गुणवत्ता , कालोनियों की स्तिथि, मौसमी प्रबंधन और अन्य सलाह के लिए कृपया निकटतम कृषि विज्ञान केंद्र से सुझाव लेना चाहिए । भारत सरकार ने “शहद क्रांति” के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए वैज्ञानिको ने मधुमक्खी पालन और विकास के लिए 2 साल के लिए “राष्ट्रीय मधुमक्खी पालन और शहद योजन (NBHM)” नामक एक नई केंद्रीय क्षेत्र योजना को मंजूरी दी है।

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2. मधुमक्खियां फूलों से भोजन लेती है और खेत में कीटनाशकों के सीधे संपर्क में आने से मधुमक्खियां मर सकती हैं, यही कीटनाशकों वो अपने साथ कॉलोनी ( छत्तो ) में वापस ले जाती है जिसे अन्य मधुमक्खियों की भी मृत्यु हो सकती है।मधुमक्खियों के कीटनाशकों के संपर्क को कम करने और उन्हें कॉलोनी (छत्तो) में वापस लाने की संभावना को कम करने के लिए कदम उठाए जा सकते हैं।

  1. मधुमक्खियां फूलों से भोजन लेती है और खेत में कीटनाशकों के सीधे संपर्क में आने से मधुमक्खियां मर सकती हैं, यही कीटनाशकों वो अपने साथ कॉलोनी ( छत्तो ) में वापस ले जाती है जिसे अन्य मधुमक्खियों की भी मृत्यु हो सकती है।मधुमक्खियों के कीटनाशकों के संपर्क को कम करने और उन्हें कॉलोनी (छत्तो) में वापस लाने की संभावना को कम करने के लिए कदम उठाए जा सकते हैं।
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3. मधुमक्खियां आमतौर पर सुबह और दोपहर में परागण करती हैं। इसलिए शाम के समय कीटनाशक का उपयोग करना चाहिए, जिसे मधुमक्खियों के मृत्यु की संभावना कम हो जाएगी। परागण अवधि के दौरान हमेशा फूलों के हिस्सों पर सीधे कीटनाशक के प्रयोग से बचना चाहिए।

  1. मधुमक्खियां आमतौर पर सुबह और दोपहर में परागण करती हैं। इसलिए शाम के समय कीटनाशक का उपयोग करना चाहिए, जिसे मधुमक्खियों के मृत्यु की संभावना कम हो जाएगी। परागण अवधि के दौरान हमेशा फूलों के हिस्सों पर सीधे कीटनाशक के प्रयोग से बचना चाहिए।
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4. विभिन्न कीटनाशकों में मधुमक्खियों के लिए अलग-अलग विषाक्तता होती है। इसलिए, उन कीटनाशकों का चयन करना चाहिए, जो सिर्फ लक्ष्य कीटों के खिलाफ प्रभावी हो लेकिन मधुमक्खियों के लिए कम विषैले हो, कीटनाशकों के उपयोग की पद्धति और उपयोग की मात्रा के आधार पर क्षेत्र में मधुमक्खियों पर नकारात्मक प्रभावों की संभावना को कम कर सकते हैं।

  1. विभिन्न कीटनाशकों में मधुमक्खियों के लिए अलग-अलग विषाक्तता होती है। इसलिए, उन कीटनाशकों का चयन करना चाहिए, जो सिर्फ लक्ष्य कीटों के खिलाफ प्रभावी हो लेकिन मधुमक्खियों के लिए कम विषैले हो, कीटनाशकों के उपयोग की पद्धति और उपयोग की मात्रा के आधार पर क्षेत्र में मधुमक्खियों पर नकारात्मक प्रभावों की संभावना को कम कर सकते हैं।
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5. बाजार में कीटनाशक अलग अलग समय अवधि और विषाक्ता के साथ उपलब्ध होते है, आवश्यकता अनुसार छोटी अवधि और कम विषाक्त कीटनाशको का उपयोग करें, परागणकों पर पड़ने वाले प्रभाव के बारे में जानकारी के लिए हमेशा कीटनाशक की बोतल पर लिखी जानकरी पढ़ कर उपयोग करें।

  1. बाजार में कीटनाशक अलग अलग समय अवधि और विषाक्ता के साथ उपलब्ध होते है, आवश्यकता अनुसार छोटी अवधि और कम विषाक्त कीटनाशको का उपयोग करें, परागणकों पर पड़ने वाले प्रभाव के बारे में जानकारी के लिए हमेशा कीटनाशक की बोतल पर लिखी जानकरी पढ़ कर उपयोग करें।
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6. मधुमक्खियों की कॉलोनी (छत्ते) के समीप कीटनाशकों का छिड़काव करते समय हवा की दिशा का ध्यान रखना चाहिए, हवा के साथ कीटनाशक कॉलोनी (छत्ते) तक पहुंच सकते है, जिसके दुष्प्रभाव हो सकते हैं।

  1. मधुमक्खियों की कॉलोनी (छत्ते) के समीप कीटनाशकों का छिड़काव करते समय हवा की दिशा का ध्यान रखना चाहिए, हवा के साथ कीटनाशक कॉलोनी (छत्ते) तक पहुंच सकते है, जिसके दुष्प्रभाव हो सकते हैं।
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मधुमक्खियों के कार्य को प्रभावित करने वाले कारक

मधुमक्खियों के कार्य को प्रभावित करने वाले कारक

मधुमक्खियों की आबादी को प्रभावित करने वाले कई कारक हैं - जिसमे सबसे बड़ा कारक कीटनाशक और चुनौतीपूर्ण मौसम परिस्तिथिया होती है। हालांकि मधुमक्खिया वाणिज्यिक फसलों के लिए अधिक विश्वसनीय पराग कारक होती है और उन्हे प्रबंधित किया जा सकता है। मधुमक्खियों की आबादी खाद्य स्रोतों की उपलब्धता को बढ़ावा देकर और कीटनाशक के जोखिम से बचाकर बढ़ाया जा सकता है।

मधुमक्खियों की आबादी को प्रभावित करने वाले कई कारक हैं - जिसमे सबसे बड़ा कारक कीटनाशक और चुनौतीपूर्ण मौसम परिस्तिथिया होती है। हालांकि मधुमक्खिया वाणिज्यिक फसलों के लिए अधिक विश्वसनीय पराग कारक होती है और उन्हे प्रबंधित किया जा सकता है। मधुमक्खियों की आबादी खाद्य स्रोतों की उपलब्धता को बढ़ावा देकर और कीटनाशक के जोखिम से बचाकर बढ़ाया जा सकता है।

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मधुमक्खि पालन करते समय समय, क्षेत्र में पर्याप्त मधुमक्खियो की संख्या कॉलोनी स्थापित करना जिसे फसल में परागण क्रिया को अधिकतम हो सके। विभिन्न फसलों को विभिन्न प्रकार की मधुमक्खियों की आवश्यकता होती है, जो फूलों के प्रकार और पराग के प्रसार के आधार पर होती हैं

मधुमक्खि पालन करते समय समय, क्षेत्र में पर्याप्त मधुमक्खियो की संख्या कॉलोनी स्थापित करना जिसे फसल में परागण क्रिया को अधिकतम हो सके। विभिन्न फसलों को विभिन्न प्रकार की मधुमक्खियों की आवश्यकता होती है, जो फूलों के प्रकार और पराग के प्रसार के आधार पर होती हैं

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खीरे में नर और मादा फूल अलग-अलग होते हैं, लेकिन खीरे के पराग कण हवा से उड़ने वाले नहीं होते, इसलिए खीरे के लिए प्रति एकड़ न्यूनतम २ से ३ मधुमक्खियों की कॉलोनी ( छत्तो ) की आवश्यकता होती है। अन्य फसलों के लिए प्रति एकड़ कम से कम 1 मधुमक्खी की कॉलोनी ( छत्ता )बनाए रखना सहायक होगा।

खीरे में नर और मादा फूल अलग-अलग होते हैं, लेकिन खीरे के पराग कण हवा से उड़ने वाले नहीं होते, इसलिए खीरे के लिए प्रति एकड़ न्यूनतम २ से ३ मधुमक्खियों की कॉलोनी ( छत्तो ) की आवश्यकता होती है। अन्य फसलों के लिए प्रति एकड़ कम से कम 1 मधुमक्खी की कॉलोनी ( छत्ता )बनाए रखना सहायक होगा।

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मधु मक्खियों की कॉलोनी को समूहों में क्षेत्र के आसपास रखा जाना चाहिए। परागित होने के लिए फसल के नीचे की ओर रखी गई कालोनियों में उस फसल को परागित करने की संभावना अधिक होती है। यदि मधुमक्खियों को फसल के ऊपर क्षेत्र में रखा जाता है तो वे अन्य खाद्य स्रोतों के लिए अधिक आकर्षित हो सकते हैं।

मधु मक्खियों की कॉलोनी को समूहों में क्षेत्र के आसपास रखा जाना चाहिए। परागित होने के लिए फसल के नीचे की ओर रखी गई कालोनियों में उस फसल को परागित करने की संभावना अधिक होती है। यदि मधुमक्खियों को फसल के ऊपर क्षेत्र में रखा जाता है तो वे अन्य खाद्य स्रोतों के लिए अधिक आकर्षित हो सकते हैं।

परागण के अलावा भी मधुमक्खी पालन के लाभ

परागण के अलावा भी मधुमक्खी पालन के लाभ

मधुमक्खी पालन किसान के लिए उपज बढ़ाने के अलावा आय का वैकल्पिक स्रोत हो सकता है।मधुमक्खी के छत्तो को अच्छी तरह से सूखे क्षेत्र में जहां अधिक संख्या में बागों और पराग के स्रोत हो वहां स्थापित करना चाहिए, मधुमक्खी पालन से सम्बंधित विभिन्न जानकारी जैसे मधुमक्खियों की गुणवत्ता , कालोनियों की स्तिथि, मौसमी प्रबंधन और अन्य सलाह के लिए कृपया निकटतम कृषि विज्ञान केंद्र से सुझाव लेना चाहिए । भारत सरकार ने “शहद क्रांति” के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए वैज्ञानिको ने मधुमक्खी पालन और विकास के लिए 2 साल के लिए “राष्ट्रीय मधुमक्खी पालन और शहद योजन (NBHM)” नामक एक नई केंद्रीय क्षेत्र योजना को मंजूरी दी है।

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